डॉ नुस्खे ग्लूकोविन कुछ चुनिन्दा जड़ी बूटियों से मिलकर बनी है जो की मधुमेह को कम करने में अति लाभकारी होती है और इन्ही जड़ी बूटियों के कारण डॉ नुस्खे आपकी शुगर को करेगा कम। जिसके फलसवरूप आप मधुमेह के लक्षण जैसे बार बार पेशाब लगाना, ज्यादा पेशाब आना, शरीर में कमजोरी रहना, बिना कुछ करे ही थकावट सी महसूस होना आदि समस्याओं से निजात पा सकेंगे|

नीम

नीम के पत्तों में कुछ विशेष प्रकार के यौगिक पाए जाते हैं जिनके कारण खून में शुगर का लेवल कम होता है जिसके फलसवरूप आपका शुगर लेवल कण्ट्रोल में रहता है|

करेला

करेला रक्त में शर्करा के प्रभाव को कंट्रोल करने में सहायक है। करेला दोनों तरीके के मधुमेह के उपचार में फ़ायदेमंद है। करेले में कुछ ऐसे यौगिक पाए जाते हैं जो की प्राकर्तिक इन्सुलिन की तरह कार्य करते हैं जिससे आपकी शुगर में गिरावट जल्दी आती है।

जामुन

जामुन रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में बहुत मदद कर सकता है क्योंकि इसमें एन्थॉयनिनिन, एलेगिक एसिड, हाइड्रोलायसेबल टैनिनस आदि शामिल हैं। आयुर्वेद के हिसाब से जामुन की गुठली डायबीटीज के मरीजों के लिए बेहतरीन औषधि है।

आवँला

शुगर के उपचार में आंवला बहुत कारगर है, आंवले का रस शुगर कण्ट्रोल करने के साथ साथ सेहत के लिए भी लाभकारी है| जिन लोगो की आँखे कमजोर है, उन्हें रोजाना आंवले का सेवन करना चाहिए|

हल्दी

हल्दी शुगर की रामबाण दवा है| हल्दी ब्लड से शुगर लेवल को कम करती है, और साथ ही शुगर होने के कारणों को भी खत्म करती है|

डॉ नुस्खे ग्लूकोविन का सेवन

  • दिन में 1-1 टेबलेट्स सुबह शाम अगर आपकी शुगर नार्मल है
  • दिन में 2-2 टेबलेट्स सुबह और शाम अगर सुहार 170 से ज्यादा है
  • दिन में 4-4 टेबलेट्स अगर आप इन्सुलिन ले रहें है तो
  • जल्दी लाभ प्राप्त करने के लिए डॉ नुश्खे ग्लूकोविन के साथ डॉ नुस्खे शुगर कण्ट्रोल टी का इस्तेमाल भी करे|